पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को तुरंत आतंकवादी संगठन घोषित करे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद -अमित सिंह चौहान

दुनिया की खुफिया एजेंसियों का कार्य होता है अपनी देश को आतंकवादी हमलों से बचाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाकर अपने देश के नागरिकों की हर हाल में रक्षा करना जैसे भारत में RAW और इंटेलीजेंस ब्यूरो,Israel मे मोसाद , अमेरिका में FBI और CIA ये काम कर रहे हैं. इसके उलट पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI आतंकवाद को रोकने की बात तो छोड़ दीजिए आज पूरी दुनिया मे वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने के काम में तन- मन – धन तीनों ही प्रकार से लगी हुई है . भारत में तमाम बड़े आतंकवादी हमलो जैसे संसद हमला, मुंबई हमले, पुलवामा हमला, पहलगाम हमला के पीछे प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रूप से ISI का ही नाम सामने आया है. कश्मीर का अलगाववाद हो या आतंकवाद, नक्सलवाद हो, पूर्वोत्तर का उग्रवाद हो, मणिपुर हिंसा, फेक करेंसी व तमाम अन्य समस्याओं को बढ़ावा देने के लिए ISI की बड़ी भूमिका मानी जाती है.इसी के संरक्षण में न सिर्फ दावूद इब्राहिम, मौलाना मसूद अजहर, हाफिज सईद जैसे भारत विरोधी आंतकवादी पल रहे हैं बल्कि दुनिया के तमाम अन्य बड़े आंतकदियों को इसका खुलासा समर्थन है और दुनिया के सबसे बड़े आंतकवादी 9/11 हमलों का मास्टरमाइंड अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का पाकिस्तान की राजधानी के बेहद निकट मार जाना इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है. बलूचिस्तान व खैबर पख्तूनवा में भी हो रहे बड़े नरसंहार के पीछे भी ISI का शैतानी दिमाग है ऐसा तमाम अंतर्राष्ट्रीय मीडिया/खुफिया एजेंसियों का दावा है.अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को भी CIA, रक्षा मंत्रालय व पेंटागन तीनों को ISI के खिलाफ सख्त कार्यवाही हेतु निर्देशित करना चाहिए.